YLanes: अकेलेपन के इस दौर में जुड़ने और बात करने का एक नया तरीका

आज के डिजिटल समय में जहाँ लोग साथ रहकर भी अकेले महसूस करते हैं, वहीं एक नया प्लेटफ़ॉर्म सामने आया है – YLanes। यह न सिर्फ लोगों को जोड़ता है, बल्कि गहराई से संवाद करने का मौका भी देता है।

शुरुआत की कहानी
YLanes की शुरुआत दीप्ति पंजाबी और राजेश इवातुरी ने मिलकर की थी। दोनों की मुलाकात एक डेटिंग ऐप के ज़रिए हुई और वहीं से इस स्टार्टअप का आइडिया भी जन्मा। दीप्ति, IIM कलकत्ता से पढ़ी हैं और फाइनेंस सेक्टर में काम कर चुकी हैं। वहीं, राजेश का अनुभव इंजीनियरिंग, मैनेजमेंट और कंसल्टिंग का है।

उनका मानना था कि आज के समय में सच्चे और अर्थपूर्ण संबंध बनाना मुश्किल होता जा रहा है, और इसी कमी को पूरा करने के लिए उन्होंने YLanes की नींव रखी।

क्या खास है YLanes में?

1. क्यूरेटेड कनेक्शन:
YLanes पर यूज़र्स को 25 से ज़्यादा फिल्टर के ज़रिए जोड़ा जाता है – जैसे उम्र, रुचियाँ और सोच। इससे वे लोग आपस में जुड़ते हैं जिनके विचार और पसंद मिलते-जुलते हों।


2. असली बातचीत:
यह सिर्फ एक चैटिंग ऐप नहीं है, बल्कि यहाँ 100 से ज़्यादा विषयों पर बातचीत होती है – जैसे आत्म-विकास, फिलॉसफी और जीवन के बड़े सवाल।


3. सुरक्षा और गोपनीयता:
यूज़र की पहचान सुरक्षित रहती है। प्लेटफ़ॉर्म में गुमनामी का विकल्प है और यूज़र किसी को रिपोर्ट या ब्लॉक भी कर सकते हैं।


4. इनाम और रेटिंग सिस्टम:
YLanes पर ‘ycoins’ कमाए जा सकते हैं जो अच्छी बातचीत करने पर मिलते हैं। यूज़र्स एक-दूसरे की बातचीत को रेट भी कर सकते हैं। यह सिस्टम अच्छे संवाद को बढ़ावा देता है।

वैश्विक पहुंच और ग्रोथ
अब तक YLanes ने दुनिया भर के 15 से अधिक देशों के यूज़र्स को जोड़ा है। यह दिखाता है कि लोग अब पारंपरिक सोशल मीडिया के बजाय गहरी बातचीत और असली कनेक्शन वाले प्लेटफ़ॉर्म को पसंद कर रहे हैं।

फंडिंग और भविष्य की योजना
YLanes को शुरुआती निवेश (Seed Funding) में 1.2 करोड़ रुपये की फंडिंग मिली है। अब इसका लक्ष्य है वैश्विक स्तर पर विस्तार करना, ताकि और भी लोग इस मंच का उपयोग कर सकें और सच्चे संबंध बना सकें।

निष्कर्ष
YLanes सिर्फ एक और चैटिंग ऐप नहीं है — यह आज के अकेलेपन से भरी दुनिया में एक उम्मीद है। यह हमें यह याद दिलाता है कि डिजिटल कनेक्शन भी दिल से हो सकते हैं, बशर्ते वो प्रामाणिक और सार्थक हों।