जलवायु संकट में किसानों की मदद कर रहा है पुणे का स्टार्टअप BioPrime Agrisolutions

भारत की अर्थव्यवस्था में कृषि का हमेशा से महत्वपूर्ण स्थान रहा है। लेकिन जैसे-जैसे आबादी बढ़ रही है, खेती में उत्पादन और गुणवत्ता बढ़ाने के लिए नई तकनीकों को अपनाना अब ज़रूरी हो गया है। इसी दिशा में काम कर रहा है पुणे स्थित बायोटेक स्टार्टअप BioPrime Agrisolutions, जो किसानों की आमदनी बढ़ाने और जलवायु परिवर्तन से लड़ने में उनकी मदद कर रहा है।

क्या करता है BioPrime?

BioPrime विशेष तरह के बायो-मॉलेक्यूल्स (जैव-अणु) विकसित करता है, जो पौधों को कठिन जलवायु परिस्थितियों में टिके रहने और बेहतर उत्पादकता देने में मदद करते हैं। इस स्टार्टअप का उद्देश्य किसानों की फसलों को तापमान में उतार-चढ़ाव, कीट और बीमारियों से बचाना है — और वो भी बिना सिंथेटिक रसायनों के प्रयोग के।

शुरुआत कैसे हुई?

2016 में जब भारत अल-नीनो के प्रभाव से जूझ रहा था, तब कई फसलें जैसे टमाटर और मिर्च पूरी तरह बर्बाद हो गई थीं। इस संकट ने डॉ. रेणुका दीवान (CEO), डॉ. शेखर भोसले (COO), और डॉ. अमित शिंदे (CTO) को यह सोचने पर मजबूर किया कि किसानों के लिए स्थायी और प्रभावी समाधान क्या हो सकता है। यहीं से BioPrime की नींव पड़ी।

इनका मानना था कि सैकंडरी मेटाबोलाइट्स-बेस्ड बायोलॉजिकल्स ही जलवायु प्रतिकूलता से निपटने का सटीक उपाय हो सकते हैं। इस सोच के साथ उन्होंने वैज्ञानिक दृष्टिकोण से किसानों की समस्याओं का समाधान तैयार करना शुरू किया।

बिज़नेस मॉडल और विस्तार

BioPrime एक R&D-फोकस्ड कंपनी है, जो देश और विदेश की बड़ी कृषि कंपनियों के साथ साझेदारी करके अपने उत्पाद किसानों तक पहुंचा रही है। कंपनी ने कुछ खास फसल समूहों के साथ मिलकर अपने बायो-सॉल्यूशंस की टेस्टिंग और मूल्य निर्धारण किया है।

स्टार्टअप अब भारत के अलावा उत्तरी अमेरिका, थाईलैंड और ब्राज़ील जैसे बाजारों में अपने उत्पाद लॉन्च करने की तैयारी में है।

टेक्नोलॉजी प्लेटफॉर्म: SNIPR और Bionexus

BioPrime ने SNIPR और Bionexus नाम के प्लेटफॉर्म तैयार किए हैं, जो फसलों की उत्पादकता बढ़ाने, बीमारियों से बचाने और मिट्टी की उर्वरता सुधारने में मदद करते हैं। इन तकनीकों ने टमाटर, आलू, चावल, केला और कपास जैसी फसलों में उल्लेखनीय परिणाम दिखाए हैं।

फंडिंग और ग्रोथ

BioPrime ने अक्टूबर 2024 में $6 मिलियन की सीरीज़-A फंडिंग जुटाई, जिसका नेतृत्व बेल्जियम की निवेश कंपनी Edaphon ने किया। इस राउंड में Omnivore और Inflexor जैसे मौजूदा निवेशकों ने भी भाग लिया। कंपनी ने बताया कि वह साल-दर-साल लगातार 50% ग्रोथ दर्ज कर रही है।

चुनौतियाँ और समाधान

BioPrime की सबसे बड़ी चुनौती रही किसानों और इंडस्ट्री को जैविक समाधानों की उपयोगिता के प्रति जागरूक करना। भारत में अभी भी सिंथेटिक तरीकों का ज्यादा इस्तेमाल होता है, जबकि BioPrime जैसे स्टार्टअप्स मिट्टी, पौधों और पर्यावरण के लिए अधिक सुरक्षित विकल्प ला रहे हैं।

भविष्य की दिशा

कंपनी आने वाले समय में अपनी बायोस्टिमुलेंट्स रेंज का विस्तार करेगी और बायो फंगसाइड्स व नेमाटोसाइड्स जैसे क्षेत्रों में बेहतर उत्पाद लॉन्च करेगी। इसके अलावा, BioPrime एक्वा फीड और औद्योगिक क्षेत्रों में भी अपनी सेवाओं का विस्तार करना चाहती है।

निष्कर्ष

BioPrime न सिर्फ किसानों को जलवायु बदलाव से जूझने के लिए समाधान दे रहा है, बल्कि यह जैविक और टिकाऊ कृषि की दिशा में एक मजबूत कदम भी है। इस स्टार्टअप की पहल किसानों को सुरक्षित, सस्टेनेबल और लाभदायक खेती की ओर प्रेरित कर रही है।

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